Coronavirus से Virus तक :SARS-CoV SARS-CoV-2

Coronavirus से Virus तक

1. कोरोनावायरस क्या है ?

Coronavirus से Virus तक
Coronavirus से Virus तक :SARS-CoV SARS-CoV-2
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के मुताबिक कोरोनावायरस केवल एक प्रकार का वायरस(विषाणु) नहीं है बल्कि यह वायरस का एक बड़ा समूह है जिसमें एसएआरएस(‘सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम’ -SARS) और अन्य छोटी से बड़ी श्वसन सम्बन्धी बीमारियाँ भी शामिल हैं।
  • कोरोनावायरस कई तरह के होते हैं, लेकिन इनमें से 6 तरह के वायरस से लोगों के संक्रमित होने का खतरा रहता है।
  • कोरोनावायरस, जानवरों और लोगों के बीच फैल सकता है |
  • कोरोना” ,जोकि एक लैटिन मूल का शब्द है जिसका अर्थ है ताज या प्रकाश की अंगूठी, एक माइक्रोस्कोप के तहत वायरस के आकार को संदर्भित करता है। वर्तमान महामारी के लिए जिम्मेदार वायरस को अक्सर नया कोरोनावायरस(novel coronavirus) भी कहा जाता है।
  • कोरोना वायरस के मरीज़ों में आमतौर पर जुखाम, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, बुखार जैसे शुरुआती लक्षण देखे जाते हैं।

2. COVID-19 का क्या मतलब है? 

  • COVID-19 वर्तमान महामारी से संबंधित एक विशिष्ट बीमारी है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रदान किया  गया संक्षिप्त नाम “CO VI D-19 : कोरोनो वायरस रोग2019” को इंगित करता है |
  • यह रोग SARS-CoV-2 नामक वायरस से हुआ है। इस वायरस का पता पहली बार 2019 में चला था। इस वायरस का पता पहली बार 2019 में चला था।

3. कोरोना समूह के वायरस से और कौन-सी बीमारी हो चुकी है ?

SARS(Severe Acute Respiratory Syndrome) -गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम (2003-2004) और MERS (Middle East Respiratory Syndrome)- मध्य पूर्व श्वसन सिंड्रोम (2012 )| 

4.एसएआरएस (SARS) और एमइआरएस (MERS) की संक्षिप्त व्याख्या कीजिये ?

  • सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम’ (एसएआरएस) एक बीमारी है ,जोकि गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम कोरोनवायरस (SARS-CoV) नामक वायरस से संबंधित है, जिसके प्रकोप से 2002-03 में चीन और हांगकांग में करीब 650 लोगों की मौत हो गई थी | 
  • मध्य पूर्व श्वसन सिंड्रोम (MERS) एक बीमारी है जोकि मध्य पूर्व श्वसन सिंड्रोम कोरोनवायरस (MERS-CoV) नामक वायरस से संबंधित है। अधिकांश एमईआरएस रोगियों में गंभीर श्वसन बीमारी के साथ बुखार, खांसी और सांस की तकलीफ़ जैसे लक्षण विकसित हुए। यह बीमारी पहली बार 2012 में(सऊदी अरब में) रिपोर्ट किया गया था | 

केन्द्रीय सांख्यिकीय कार्यालय और राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय

5.क्या कोरोना समूह के वायरस  एक जैसे होते हैं ?

  • ये सभी श्वसन प्रणाली को प्रभावित करते हैं परन्तु ये सभी अलग तीव्रता के होते है |
  • डॉक्टर्स का कहना है कि 2019 के वायरस (SARS-CoV-2) के अपेक्षा  2002-2003 सार्स (SARS-CoV) वायरस अधिक जानलेवा परन्तु कम संक्रामक था |
  • कोरोना समूह के वायरस पशु ,पक्षियों में पाए जाते है | 

6. वायरस या विषाणु क्या है ?

  • वायरस बहुत छोटे रोगाणु या विषाणु होते हैं, जो प्रोटीन की खोल के अंदर अनुवांशिक सामग्री(आरएनए या डीएनए) से बने होते हैं।
  • अनुवांशिक सामग्री सामान्यतः प्रोटीन की खोल से घिरी रहती है ।
  • वायरस किसी भी जानवर, पौधे या बैक्टीरिया को संक्रमित कर सकता है |
  • वायरस कोशिकाओं को मार सकते हैं, क्षति पहुंचा सकते हैं या बदल सकते हैं |
  • इनका आकार बैक्टीरिया से बहुत कम होता है जैसे मीसल विषाणु 220 नैनोमीटर, हेपेटाइटिस विषाणु 40 नैनोमीटर, पोलियो का विषाणु 30 नैनोमीटर आदि होता है।
  • वायरस कोशिकाएं नहीं बल्कि गैर-जीवित, संक्रामक कण होते हैं जो दूसरे जीवों के जीवित कोशिकाओं (cell) में पनपते हैं ।
  • शरीर के बाहर तो ये मृत-समान होते हैं परंतु शरीर के अंदर जीवित हो जाते हैं।
  • एक विषाणु बिना किसी सजीव माध्यम के पुनरुत्पादन नहीं कर सकता है।
  • यह सैकड़ों वर्षों तक सुशुप्तावस्था में रह सकता है और जब भी एक जीव के संपर्क में आता है उस जीव की कोशिका को भेद कर आच्छादित कर देता है |
  • जब विषाणु जीवित कोशिका में प्रवेश कर जाता है तो वह कोशिका के मूल आरएनए एवं डीएनए की जेनेटिक संरचना को अपनी जेनेटिक सूचना से बदल देता है और संक्रमित कोशिका अपने जैसे संक्रमित कोशिकाओं का पुनरुत्पादन शुरू कर देती है। 

7. बैक्टीरिया और वायरस में क्या अंतर है ?

बैक्टीरिया एक कोशिकीय जीव होते हैं जो प्रजनन के लिए दूसरे कोशिका पर निर्भर नहीं होते है जबकि विषाणु  प्रजनन करने या अपनी संख्या बढ़ाने के लिए दूसरे कोशिकीय जीव पर निर्भर होते हैं |  

8.वायरस कितने प्रकार के होते हैं ?

मेजबान के आधार पर होम्स ने 1948 में वायरस को तीन समूहों में विभाजित किया है :

  • मनुष्यों सहित पशुओं की कोशिका को संक्रमित करने वाला वायरस
    • ऐसा विषाणु जो मनुष्यों सहित पशुओं की कोशिका को संक्रमित करते हैं, उन्हें एनिमल वायरस कहा जाता है।
    • उदाहरण के लिए इन्फ्लूएंजा वायरस, रैबीज वायरस, मम्प्स वायरस, पोलियो वायरस आदि।
    • इनकी आनुवंशिक सामग्री आरएनए या डीएनए होता है।
  • पौधों को संक्रमित करने वाला वायरस
    • पौधों को संक्रमित करने वाले वायरस को प्लांट वायरस कहा जाता है।
    • उदाहरण के लिए तंबाकू मोजेक वायरस, पोटैटो वायरस इत्यादि हैं।
    • इनकी अनुवांशिक सामग्री आरएनए होता है जो प्रोटीन की खोल में रहता है।
  • जीवाणु या बैक्टीरिया को संक्रमित करने वाला वायरस
    • जीवाणु या बैक्टीरिया की कोशिकाओं को संक्रमित करने वाले वायरस को बैक्टीरियोफेज या जीवाणुभोजी विषाणु कहा जाता है।
    • उदाहरण के लिए हैजा, पेचिस, टायफायड आदि रोग उत्पन्न करने वाले जीवाणुओं को नष्ट करते है।
    • इनकी अनुवांशिक सामग्री के रूप में डीएनए होता है।

9.वायरस हमारे शरीर में कैसे पहुँचता है ?

  • वायरस, पर्यावरण से , अन्य व्यक्तियों के माध्यम से, मिट्टी से, पानी से, हवा में पहुंच कर नाक, मुंह या त्वचा में किसी भी कटे हुए स्थान के माध्यम से हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं और संक्रमित करने के लिए किसी कोशिका की तलाश करते हैं।
  • उदाहरण के लिए सर्दी जुकाम का विषाणु उन कोशिकाओं को लक्षित करता है जो श्वसन (यानी फेफड़ों) में होती हैं।
  • एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशियेंसी वायरस) ,जो एड्स का कारण होता है, हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली की टी-कोशिकाओं पर हमला करता है। 

10.वायरस से होने वाली बीमारी कौन-सी है?

  • चेचक :
    • चेचक को छोटी माता या चिकन पॉक्स के नाम से भी जाना जाता है, यह एक ऐसी बीमारी होती है जो वेरिसेला जोस्टर  वायरस (VZV) से पैदा होती है। 
  • इन्फ्लूएंजा :
    • इन्फ्लूएंजा को फ्लू के नाम से भी जाना जाता है।
    • यह एक तरह की बीमारी है, जो RNA वायरस की वजह से होती है। 
  • जेनाइटल हर्पीस :
    • जननांग के दाद एक यौन संचारित रोग होता है।
    • यह दाद के एक ‘हार्पिज़ सिम्पलेक्स’ वायरस (Herpes Simplex Virus) के फैलने से होता है।
  • रैबीज :
    • रैबीज वायरस के कारण रैबीज संक्रमण होता है।
    • वायरस संक्रमित जानवरों की लार के माध्यम से फैल जाता है।
    • संक्रमित जानवर किसी अन्य जानवर या किसी व्यक्ति को काटकर वायरस फैला सकते हैं।
  • मीजल्स :
    • खसरा (रूबिओला, मोर्बिली, लाल खसरा; measles) का कारण एक रूबिओला वायरस होता है |
    • खसरा एक अत्यंत संक्रामक रोग है जो संक्रमित बलगम और लार के संपर्क के कारण फैलता है।
  • पोलियो :
    • पोलियो, या पोलियोमेलाइटिस (Poliomyelitis), एक गंभीर और संभावित घातक संक्रामक रोग है।
    • यह पोलियो वायरस (Polio virus) के कारण होता है। 
  • स्वाइन फ्लू :
    • इसको H1N1 फ्लू भी कहते हैं क्योंकि यह H1N1 वायरस से होता है।
    • इस वायरस की शुरुआत सूअर से होती है जिसके बाद यह एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है।
    • जब 2009 में स्वाइन फ्लू वायरस को इंसान में पाया गया तब इस वायरस ने एक महामारी का रूप ले लिया था। 

11.टीका (vaccine) क्या होता है ?

टीका शरीर को विशिष्ट प्रकार के वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रणाली को लड़ने में मदद करके काम करता है।

12.बहुत सारे वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रणाली यानि टीका विकसित नहीं हुआ है अतः वायरस को फैलने से रोकने के लिए क्या एहतियात रखना चाहिए ?

आप कुछ बातों का ध्यान रख कर रोगाणुओं के प्रसार को रोकने में मदद कर सकते हैं –

  • जब आप छींकते हैं या खांसते हैं तो आप अपने मुंह और नाक पर हाथ की बजाय अपनी कोहनी को रखें।
  • भोजन खाने या तैयार करने से पहले अपने हाथों को अक्सर साफ करें 
  • बाथरूम का उपयोग करने या डायपर बदलने के बाद अपनी आंखों, नाक या मुंह को छूने से बचें तथा हाथों को अच्छे से साफ करें।
  • साबुन और पानी विषाणुओं को मारने का काम करते हैं। कम से कम 20-60 सेकंड तक अपने हाथ धोएं और अपने दोनों हाथों को आपस में अच्छे से रगड़ें। 

कोशिका (cell) :

  • मानव शरीर असंख्य सूक्ष्म इकाईयों से मिलकर बना है, जिन्हें कोशिकाएँ कहा जाता है।
  • कोशिका शरीर का सूक्ष्मतम रूप है।
  • यह शरीर की एक मूलभूत रचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है, जो स्वतंत्र रूप से जीवन की क्रियाओं को चलाने की क्षमता रखती है।
  • शरीर के विभिन्न अंगों की कोशिकाओं में भिन्नता होती है, परंतु समस्त कोशिकाओं की मूलभूत संरचना एक-समान ही होती है।

प्रोटीन(Protein ) :

  • प्रोटींस मुख्य रूप से एमिनो एसिड से बने होते हैं और ये कोशिकाओं को एनर्जी देते हैं।
  • मानव शरीर का बीस प्रतिशत हिस्सा प्रोटीन से बना हुआ होता है।
  • एमिनो एसिड इसके निर्माण के लिए जरूरी होता है।
  • शरीर की कोशिकाओं, मांसपेशियों और ऊतकों का एक बड़ा हिस्सा एमिनो एसिड से बनता है।

FAQ

1.कोरोनो वायरस संक्रमण के लक्षण क्या हैं?

इंसान के शरीर में पहुंचने के बाद कोरोना वायरस उसके फेफड़ों में संक्रमण करता है जिसके कारण सबसे पहले बुख़ार, उसके बाद सूखी खांसी आती है और अंत में सांस लेने में समस्या हो सकती है | 

बीमारी के शुरुआती लक्षण सर्दी और फ्लू जैसे ही होते हैं जिससे इंसान आसानी से भ्रमित हो सकता है| Coronavirus से Virus तक :SARS-CoV SARS-CoV-2

2. कोरोना के संक्रमण के लक्षण सामने आने में कितना समय लग सकता है?

वायरस के संक्रमण के लक्षण औसतन पाँच दिन में दिखने शुरू होने लगते हैं परन्तु  वैज्ञानिकों का मानना है कि कुछ लोगों में इसके लक्षण बाद में भी देखने को मिल सकते हैं | 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अनुसार वायरस के शरीर में पहुंचने और लक्षण दिखने के बीच 14 दिनों तक का समय हो सकता है |

3. क्या कोरोना के संक्रमण से ठीक होने वाले लोग दोबारा संक्रमित नहीं होंगे?

सार्स और कोरोना परिवार के अन्य विषाणुओं को लेकर हमारी राय ये है कि दोबारा संक्रमित होने के आसार कम हैं | 

4.खुद को एकांत में रखने से क्या तात्पर्य है?

सेल्फ आइसोलेशन यानी खुद को एकांत में रखने का मतलब 14 दिनों तक घर में रहना, काम पर नहीं जाना, स्कूल या किसी अन्य सार्वजनिक जगह पर नहीं जाना और सार्वजनिक परिवहन और टैक्सी से दूर रहना होता है |

आपने घर के भीतर भी खुद को परिवार के दूसरे लोगों से अलग रखना चाहिए |

5.अस्थमा के मरीजों के लिए कोरोना वायरस कितना प्रभावी है?

कोरोना वायरस को लेकर चिंतित अस्थमा के मरीज़ कुछ एहतियाती कदम जैसे डॉक्टर द्वारा सुझाया गया इनहेलर का इस्तेमाल भी शामिल है |

इससे कोरोना सहित किसी भी वायरस से पड़ने वाले अस्थमा के दौरे का ख़तरा कम होता है| 

6. क्या स्विमिंग पूल में तैरना कितना सुरक्षित है?

ज़्यादातर स्विमिंग पूल में क्लोरीन मिलाया जाता है जिससे विषाणु ख़त्म हो जाते हैं | अतः अगर किसी स्विमिंग पूल में क्लोरीन का इस्तेमाल किया गया है तो उसमें तैरना सुरक्षित है | 

7 . क्या मास्क बहुत ज़रूरी है?

ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए वो मास्क पहनने की सिफारिश नहीं करता है | 

पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड का कहना है कि हॉस्पिटल के माहौल के बाहर मास्क पहनने से किसी व्यापक फायदे के प्रमाण ज़्यादा नहीं मिलते हैं |

साफ सफाई के साथ ही भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करे |

8. बच्चों के लिए क्या सुझाव है?

चीन से मिल रहे आंकड़ों के अनुसार बच्चे तुलनात्मक रूप से कोरोना संक्रमण से बचे हुए हैं |

हालांकि जिन बच्चों को फेफड़े की बीमारी है या फिर अस्थमा है, उन्हें ज़्यादा सावधान रहने की ज़रूरत है क्योंकि ऐसे मामलों में कोरोना वायरस हमला कर सकता है |

9. कोरोना से कौन-से देश सबसे ज़्यादा प्रभावित है ?

डब्लूएचओ और अन्य एजेंसियों के आंकड़े बताते हैं कि दुनिया में छ: देश कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं |

इन्हीं छह देशों में सबसे अधिक लोगों ने कोरोना वायरस की वजह से दम तोड़ा है |ये छ: देश हैं- चीन, इटली, ईरान, स्पेन, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन | 

मारे गए लोगों की 17 मार्च तक की उपलब्ध जानकारी :
चीन में 3,338 लोग 
इटली में 2,503 लोग
ईरान में 988 लोग
स्पेन में 491 लोग 
दक्षिण कोरिया में 81 लोग  
ब्रिटेन में 71 लोग 

10. भारत की स्थिति क्या है ?

भारत में कोरोना वायरस से अब तक तीन मौतें हो चुकी हैं|
पहली मौत कर्नाटक, दूसरी दिल्ली और तीसरी महाराष्ट्र में हुई |
भारत में सबसे अधिक संक्रमण के मामले में महाराष्ट्र और दूसरे नंबर पर केरल है| 
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले 18 मार्च तक 147 हो गए हैं |
इसमें 25 विदेशी तथा 122 भारतीय नागरिक हैं | 

11.क्या लोग इससे ठीक भी हो रहे है ?

दुनिया में काफी लोगों को अस्पताल से  छुट्टी दी गई है |
भारत में अब तक 14 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है |

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Source: WHO ,BBC AND INTERNET

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