डीएनए टेक्नोलॉजी (प्रयोग और अनुप्रयोग) विनियमन विधेयक 2019

डीएनए टेक्नोलॉजी विनियमन विधेयक 2019 :घटनाक्रम-2003-2019

इस विधेयक को राज्यसभा के सभापति ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं वन मामलों से संबंधित संसद की स्थायी समिति के पास भेजा है।

  • 2003-2012-विधि आयोग (जुलाई 2017)-निजता का अधिकार-अनुच्छेद 21 के तहत (अगस्त 2017 -उच्चतम न्यायालय के 9 सदस्यीय बेंच का निर्णय)
    • 2003-डीएनए प्रोफाइलिंग एडवाइजरी कमेटी
    • 2012-एक और एक्सपर्ट कमेटी
    • 2017-विधि आयोग ने कुछ सिफारिशों के साथ आगे बढ़ा दिया |
  • जुलाई 2018(केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 04 जुलाई 2018 को डीएनए प्रौद्योगिकी (उपयोग एवं अनुप्रयोग) विनियमन विधेयक-2018 को मंजूरी दे दी है)-जनवरी 2019 (लोकसभा से पास) -समाप्त-जुलाई 2019 (लोकसभा से पास)-अभी राज्य सभा के विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और वन संबंधी समिति के पास है |
    • जुलाई 2018 को डीएनए प्रौद्योगिकी (उपयोग एवं अनुप्रयोग) विनियमन विधेयक-2018 को मंजूरी दे दी थी |
    • जनवरी 2019 में लोकसभा से पास हो गया था परन्तु राज्य सभा से नहीं हो पाया था |
    • संसद भंग होने से समाप्त हो गया | 
    • इस विधेयक को राज्यसभा के सभापति ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं वन मामलों से संबंधित संसद की स्थायी समिति के पास भेजा है।
    • समिति के अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने विधेयक पर लोगों से सुझाव मांगे हैं।

डीएनए टेक्नोलॉजी विनियमन विधेयक 2019 क्यों लाया गया?

  • आपराधिक न्याय प्रणाली को सशक्त करने के लिए | 
  • गुमशुदा व्यक्तियों, आपदा के पीड़ितों, दोषियों, विचाराधीन कैदियों और अज्ञात मृत व्यक्तियों की पहचान के लिये आदि|

डीएनए टेक्नोलॉजी विनियमन विधेयक 2019 में क्या है?

  • इस विधेयक के अंतर्गत दो नए संस्थान स्थापित करने की संभावना है –
    • पहला, डी.एन.ए. प्रोफाइलिंग बोर्ड (DNA Profiling Board)
    • दूसरा, डी.एन.ए. डेटा बैंक (DNA Data Bank)
  • राष्ट्रीय डी.एन.ए. डेटा बैंक के साथ-साथ प्रत्येक राज्य में आवश्यकतानुसार क्षेत्रीय डेटा बैंक भी स्थापित किये जाएंगे|
  • डीएनए रेग्युलेटरी बोर्ड:
    • DNA प्रयोगशालाओं को स्थापित करने की प्रक्रिया का निर्धारण और उनके लिये मानक तय करना |
    • ऐसी प्रयोगशालाओं को मान्यता प्रदान करना।
  • हर डेटा बैंक निम्नलिखित श्रेणियों के डेटा का रखरखाव करेंगे:
    • क्राइम सीन इंडेक्स
    • संदिग्ध व्यक्तियों (सस्पेक्ट) या विचाराधीन कैदियों (अंडरट्रायल्स) के इंडेक्स
    • अपराधियों के इंडेक्स
    • लापता व्यक्तियों के इंडेक्स
    • अज्ञात मृत व्यक्तियों के इंडेक्स।

DNA क्या है?

डीएनए टेक्नोलॉजी विनियमन विधेयक 2019
  • डीएनए एक जटिल, लंबा जंजीर जैसा दिखने वाला अणु है जो जीवित जीव की आनुवंशिक विशेषताओं को एन्कोड करता है।
  • सभी में, यह 99.9 प्रतिशत एक जैसा ही होता है । 0.1 प्रतिशत भिन्नताओं वाले DNA को ‘बहुरूपी’ (Polymorphic) कहा जाता है।
  • डीएनए एक सीढ़ी जैसा दिखने वाला अणु है जो घुमावदार दिखाई देता है, जिससे इसे एक अद्वितीय आकार मिलता है जिसे डबल हेलिक्स कहा जाता है।
  • डीएनए आमतौर पर न्यूक्लियोटाइड्स का एक डबल-स्ट्रेन्डेड पॉलीमर होता है, हालांकि सिंगल-स्ट्रेन्डेड डीएनए भी पाया जाता है।
  • अधिकांश पौधों और जानवरों में, डीएनए राइबोन्यूक्लिक एसिड और प्रोटीन के साथ संकुचित संरचनाओं के रूप पाया जाता है जिसे कोशिका नाभिक में रहने वाले गुणसूत्र (क्रोमोसोम्स) कहा जाता है।
  • आपके शरीर में लगभग (लाल रक्त कोशिकाओं को छोड़कर) हर कोशिका में डीएनए या जेनेटिक कोड होता है |
  • डीएनए में पूरे जीवन के विकास, वृद्धि, प्रजनन और कार्य के लिए निर्देश होते हैं।

DNA प्रोफाइलिंग क्या है?

  • यह ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक व्यक्ति से एक विशेष DNA पैटर्न (जिसे प्रोफाइल कहा जाता है) लिया जाता है।
  • प्रत्येक व्यक्ति अपने माता-पिता से ‘बहुरूपों’ का एक विशेष संयोजन प्राप्त करता है।
  • DNA प्रोफाइल प्राप्त करने के लिये ‘DNA के बहुरूपों’ (DNA Polymorphism) की ही जाँच की जाती है।

DNA प्रोफाइलिंग के लिये अंतर्राष्ट्रीय दिशा-निर्देश

इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर फॉरेंसिक जेनेटिक्स (ISFG) द्वारा गठित DNA आयोग ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये हैं:

  • फॉरेंसिक DNA प्रयोगशाला को आपात स्थिति के मामले में पहले संबंधित अधिकारी को सूचित करना आवश्यक है।
  • किसी घायल या मृत व्यक्ति का DNA नमूना लेने से पहले व्यक्ति या उसके परिवार से राय लेना आवश्यक है।
  • DNA संग्रह को गोपनीय रखने की गारंटी होनी चाहिये तथा साथ ही इसकी पर्याप्त देखरेख भी सुनिश्चित होनी चाहिये।
  • इसके अलावा गुमशुदा या लापता व्यक्ति का किसी मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से DNA परीक्षण करवाने के सख्त प्रावधान हैं।
    • प्रयोगशाला को इसके लिये लंबे और प्रामाणिक कार्य अनुभव होना चाहिये।
  • सभी DNA नमूनों को एकत्र करने के लिये एक केंद्रीकृत इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस होना भी आवश्यक है आदि|

NOTE: ये अभी तक (8 अप्रैल 2020) एक विधेयक है अर्थात संसद से पास नहीं हुआ है | 

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