अक्साई चिन पर चीन ने कैसे कब्ज़ा किया?

अक्साई चिन पर चीन ने कैसे कब्ज़ा किया?

अक्साई चिन पर चीन ने कैसे कब्ज़ा किया? हमने अक्साई चिन को कैसे खो दिया, इसकी कहानी जान लेना भी बहुत जरूरी है ? 

अक्साई चिन पर चीन ने कैसे कब्ज़ा किया?
अक्साई चिन पर चीन ने कैसे कब्ज़ा किया?

अक्साई चिन का इतिहास क्या है?

  • 1865 में भारत चीन सीमा का विलियम जॉन्सन ने सर्वे किया और जॉनसन लाइन के हिसाब से बताया कि अक्साई चिन जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है | 
  • 1899 में एक ब्रिटिश सर्वेयर ने अक्साई चिन को मैकार्ने मैकडोनल्ड लाइन के हिसाब से अक्साई चिन को चीन का हिस्सा बताया | 
  • इसके 50 साल बाद चीन ने यहां (1951 में) सड़क बनानी शुरू कर दी | 
  • इस क्षेत्र में सीमा का स्पष्ट विभाजन नहीं था इसलिए भारत के सैनिक भी इस क्षेत्र में 1955 तक गश्त लगाते थे |
  • 1957 में चीन ने 179 किलो मीटर लंबी सड़क बना लिया | 
    • इस सड़क के जरिए चीन का शिनजियांग प्रांत तिब्बत से जुड़ गया |
  • इस सड़क के बनते ही चीन ने अक्साई चिन के हिस्से को अपने नक्शे में दिखा दिया जिसका भारत ने विरोध किया था |
    • इसी विवाद के कारण भारत और चीन के बीच 1962 की लड़ाई हुई थी | 
  • 1962 में चीन अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन में घुस गया था और जंग खत्म होने पर वो अरुणाचल से तो चला गया लेकिन अक्साई चिन से वो नहीं हटा |  
    • इसकी एक वजह ये है कि अरुणाचल प्रदेश के मुकाबले अक्साई चिन दिल्ली के ज्यादा करीब है |
    • इसके जरिए चीन जम्मू कश्मीर में भी भारत पर दबाव बनाए रख सकता है |
  • युद्ध के समापन पर, चीन ने अक्साई चिन में लगभग 38,000 वर्ग किमी क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए रखा |   
    • यह क्षेत्र अब तक दोनों देशों के बीच विवाद का विषय बना हुआ है | 
  • भारत का दावा है कि चीन ने लगभग 38,000 वर्ग किलोमीटर पर कब्ज़ा कर लिया है |  
    • भारत का दावा है कि कब्ज़ा किया गया क्षेत्र जम्मू और कश्मीर राज्य के लद्दाख क्षेत्र का हिस्सा है | 

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अक्साई चिन क्षेत्र क्या है (What is Aksai Chin area)

  • अक्साई चिन समुद्र तल से लगभग 5,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित साल्ट फ़्लैट का एक विशाल रेगिस्तान है |  
  • इसका क्षेत्रफल लगभग 37,244 वर्ग किलोमीटर है | 
  • जम्मू और कश्मीर राज्य के उत्तर पूर्वी हिस्से का यह बड़ा क्षेत्र 1950 से चीनी कब्ज़े में रहा है |
  • चीन ने प्रशासनिक रूप से इसे शिनजियांग प्रांत के कारगिलिक जिले का हिस्सा बना दिया है | 
  • अक्साई चिन क्षेत्र में जलवायु ठंडी और शुष्क है जो जुलाई और अगस्त के गर्मियों के महीनों में यहाँ बारिश होती है | 

अक्साई चिन क्षेत्र में वर्तमान स्थिति

  • यह जम्मू और कश्मीर के कुल क्षेत्र का 15 प्रतिशत हिस्सा है, जिस पर चीन का अवैध कब्ज़ा है |   
  • भारत का कहना है कि अक्साई चिन सहित पूरा जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है
    • जबकि चीन ने हमेशा दावा किया है कि अक्साई चिन शिनजियांग उइघुर स्वायत्त क्षेत्र (शिनजियांग उइघुर) है |  
  • भारत जहाँ एक तरह दावा करता है कि चीन ने उसके 38,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल को कब्ज़ा लिया है |
    • वहीँ चीन का दावा है कि भारत ने अरुणाचल प्रदेश में चीन के 90,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल पर कब्ज़ा किया हुआ है |

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