उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच सीमा विवाद -North and South Korea in Violation of Armistice Agreement

उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच सीमा विवाद

उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच Demilitarized Zone- DMZ में दोनों पक्षों में हुई गोलीबारी की एक घटना के बाद ‘यूनाइटेड नेशंस  कमांड’ (United Nations Command- UNC) ने दोनों देशों को वर्ष 1953 के ‘कोरियाई युद्धविराम समझौते’ (Korean Armistice Agreement) के उल्लंघन का दोषी पाया है।

उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच सीमा विवाद
Demilitarized Zone- DMZ -उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच
  • दक्षिण कोरिया ने इस मामले में उत्तर कोरिया को एक प्रसारण संदेश के द्वारा भी चेतावनी दी है कि गोलीबारी की यह घटना वर्ष 2018 के ‘अंतर कोरियाई सैन्य समझौते’ (Inter-Korean Military Agreement) का उल्लंघन है।
    • सितंबर, 2018 में उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता ‘किम जोंग उन’ (Kim Jong Un) और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ‘मून जेई-इन’ (Moon Jae-in) के बीच हुई एक बैठक के बाद ‘प्योंगयांग संयुक्त घोषणा’ (Pyongyang Joint Declaration) नामक एक समझौते पर हस्ताक्षर किये गए थे।

यूनाइटेड नेशंस कमांड

  • यूनाइटेड नेशंस कमांड बहु-राष्ट्रीय सैन्य बलों की एकीकृत कमान है। 
  • इसकी स्थापना जून, 1950 में संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations) के आग्रह पर दक्षिण कोरिया पर उत्तर कोरिया के हमले को रोकने हेतु की गई थी।
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस कमांड के नेतृत्व के लिये अमेरिका का नाम सुझाया था।
  • 29 अगस्त, 1950 को ब्रिटिश राष्ट्रमंडल की 27वीं ब्रिगेड इस सेना में शामिल हुई।
  • अमेरिका, कोरियाई गणतंत्र (दक्षिण कोरिया) और ब्रिटेन के अतिरिक्त इस कमांड में ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, कनाडा, कोलंबिया, इथियोपिया, फ्रांस, ग्रीस, लक्ज़मबर्ग, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, फिलीपींस, थाईलैंड तथा तुर्की के सैनिकों ने अपना योगदान दिया था।

उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच सीमा विवाद : कोरियाई युद्धविराम समझौता

  • वर्ष 1953 का ‘कोरियाई युद्धविराम समझौता’ एक संघर्ष विराम समझौता था, हालाँकि यह दोनों देशों के बीच युद्धविराम की आधिकारिक घोषणा नहीं थी।
  • दिसंबर, 1991 में उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किये जिसके तहत दोनों देशों ने सीमा पर आक्रामकता न बढ़ाने पर सहमति जाहिर की है ।

NOTE :

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council- UNSC)

  • सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र की सबसे महत्त्वपूर्ण इकाई है, जिसका गठन द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1945 में हुआ था।
  • इसके पाँच स्थायी सदस्य  हैं अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन।
  • सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के पास वीटो का अधिकार होता है।
    • इन देशों की सदस्यता दूसरे विश्व युद्ध के बाद के शक्ति संतुलन को प्रदर्शित करती है। 
    • 10 अन्य देशों को दो साल के लिये अस्थायी सदस्य के रूप में सुरक्षा परिषद में शामिल किया जाता है।
  • स्थायी और अस्थायी सदस्य बारी-बारी से एक-एक महीने के लिये परिषद  के अध्यक्ष बनाए जाते हैं।
  • अस्थायी सदस्य देशों को चुनने का उद्देश्य सुरक्षा परिषद में क्षेत्रीय संतुलन कायम करना है।
    • इस अस्थाई सदस्यता के लिये सदस्य देशों में चुनाव होता है।
  • इसमें पाँच सदस्य एशियाई या अफ्रीकी देशों से, दो दक्षिण अमेरिकी देशों से, एक पूर्वी यूरोप से और दो पश्चिमी यूरोप या अन्य क्षेत्रों से चुने जाते हैं।

संयुक्त राष्ट्र

  • इसकी स्थापना 24 अक्तूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र अधिकार-पत्र के माध्यम से की गई थी।
  • संयुक्त राष्ट्र एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है।
  • इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय कानून को सुविधाजनक बनाने हेतु सहयोग प्रदान करना, अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक एवं सामाजिक विकास तथा मानवधिकारों की सुरक्षा के साथ-साथ विश्व शांति के लिये कार्य करना है। 

संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख सिद्धांत क्या-क्या हैं?

  • सभी सदस्य राष्ट्र एक समान एवं संप्रभुता संपन्न है।
  • सभी सदस्य राष्ट्रों द्वारा संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रति अपने उत्तरदायित्व एवं कर्तव्यों का निष्ठा-पूर्वक पालन किया जाएगा ।
  • संयुक्त राष्ट्र के प्रति सदस्य राष्ट्रों द्वारा न तो बल प्रयोग की धमकी दी जाएगी |
  • सभी सदस्य राष्ट्रों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण तरीके से हल किया जाएगा।
  • सदस्य राष्ट्र संयुक्त राष्ट्र के कार्यों में सहायता करेंगे। 
  • सदस्य राष्ट्रों द्वारा उन राष्ट्रों की सहायता नहीं की जाएगी, जिनके विरुद्ध संघ द्वारा किसी न किसी प्रकार की कोई कार्यवाही की गई हो।
  • कुछ विशेष परिस्थितियों को छोड़कर संयुक्त राष्ट्र द्वारा किसी राष्ट्र के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।

संयुक्त राष्ट्र के 6 अंग हैं :

  • महासभा (General Assembly)।
  • सुरक्षा परिषद् (Security Council)।
  • आर्थिक एवं सामाजिक परिषद् (Economic and Social Council)।
  • न्यास परिषद (Trusteeship Council)।
  • सचिवालय (Secretariat)।
  • अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice)।

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