अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्रा कोष 189 देशों का संगठन

अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्रा कोष 189 देशों का संगठन

  • अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्राकोष 189  देशों का संगठन है, जो
    • विश्‍व में मौद्रिक सहयोग बढ़ाने,
    • वित्‍तीय स्थिरता लाने,
    • अंतर्राष्‍ट्रीय व्‍यापार में मदद करने,
    • अधिक रोजगार तथा सतत् आर्थिक वृद्धि को प्रोत्‍साहन देने,
    • विश्‍व भर में गरीबी कम करने के लिए काम करता है। 
  • अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्राकोष का बुनियादी मिशन अंतर्राष्‍ट्रीय तंत्र में स्थिरता रखने में मदद करना है। 
  • कोष यह काम तीन तरीके से करता है :
    • वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था और सदस्‍य देशों की अर्थव्‍यवस्‍थाओं पर निगरानी रखकर;
    • भुगतान संतुलन में कठिनाई वाले देशों को ऋण देकर और
    • सदस्‍यों को व्‍यावहारिक सहायता देकर। 
  • भारत में अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्राकोष का काम, भारत सरकार, रिजर्व बैंक तथा अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्राकोष के बीच सूचना के प्रवाह में मदद देने तथा रिजर्व बैंक और राष्‍ट्रीय तथा राज्‍य सरकारों के अधिकारियों को प्रशिक्षण देने का है।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष :पृष्ठभूमि

अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्रा कोष 189  देशों का संगठन:IMF
अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्रा कोष 189 देशों का संगठन:IMF
  • इसकी स्थापना जुलाई 1944 में सम्पन्न हुए संयुक्त राष्ट्र मौद्रिक एवं वित्तीय सम्मेलन में हस्ताक्षरित समझौते के अंतर्गत की गई, जो 27 दिसंबर, 1948 से प्रभावी हुआ। 
  • यह 1 मार्च, 1947 को औपचारिक रूप से कार्य करना शुरू कर दिंया था। 
  • यह आर्थिक व सामाजिक परिषद के साथ किये गये एक समझौते (जिसे 15 नवंबर, 1947 को महासभा की मंजूरी प्राप्त हुई) के उपरांत संयुक्त राष्ट्र का विशिष्ट अभिकरण बन गया।
  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष एक बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स, बोर्ड ऑफ एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स, अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक प्रणाली पर एक अंतरिम समिति तथा एक प्रबंध निदेशक व कर्मचारी वर्ग के द्वारा अपना कार्य करता है।
  • इसकी सभी शक्तियां बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में निहित होती हैं।
    • इस बोर्ड में प्रत्येक सदस्य देश का एक गवर्नर एवं एक वैकल्पिक प्रतिनिधि शामिल रहता है।
    • इसकी बैठक वर्ष में एक बार होती है।

अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्रा कोष 189 देशों का संगठन: प्राथमिक उद्देश्य

  •  अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक सहयोग को बढ़ावा देना;
  • अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के विस्तार और संतुलित विकास में सहयोग करना;
  • विनिमय स्थिरता को बढ़ावा देना;
  • भुगतान की बहुपक्षीय प्रणाली की स्थापना में सहायता;
  • बैलेंस-ऑफ-पेमेंट कठिनाइयों का सामना करने वाले सदस्यों के लिए (पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ) संसाधन उपलब्ध कराएं।

रिपोर्ट :

  • वर्ल्ड इकनोमिक आउटलुक (World Economic Outlook ),
  • वैश्विक वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (Global Financial Stability Report),
  • वित्तीय निगरानी (Fiscal Monitor),
  • क्षेत्रीय आर्थिक रिपोर्ट (Regional Economic Reports)
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की क्या भूमिका है?

दुनिया में विनिमय स्थिरता को बढ़ावा देना;
अंतरराष्ट्रीय व्यापार का विस्तार और संतुलित विकास को सुविधाजनक बनाना;
भुगतान की बहुपक्षीय प्रणाली की स्थापना में सहायता करना;
भुगतान संतुलन की कठिनाइयों का सामना करने वाले सदस्य देशों को भुगतान असंतुलन को ठीक करने के लिए संसाधन उपलब्ध कराना |

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अध्यक्ष कौन है?

बुल्गारिया की अर्थशास्त्री क्रिस्टालिना जॉर्जीवा

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की स्थापना कब हुई?

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की स्थापना जुलाई 1944 में सम्पन्न हुए संयुक्त राष्ट्र मौद्रिक एवं वित्तीय सम्मेलन में हस्ताक्षरित समझौते के अंतर्गत की गई, जो 27 दिसंबर, 1948 से प्रभावी हुआ।

आई एम एफ का पूरा नाम क्या है?

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund)

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का मुख्यालय कहाँ है?

वॉशिंगटन डी॰ सी॰, संयुक्त राज्य अमेरिका

भारत आई एम एफ का सदस्य कब बना?

भारत IMF का संस्थापक सदस्य देश है| 

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