IAS PRELIMS 2019 QUESTION 13: व्याख्या

IAS PRELIMS 2019 QUESTION 13: व्याख्या

IAS PRELIMS 2019 QUESTION 13: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. संत निम्बार्क,अकबर के समकालीन थे।
  2. संत कबीर, शेख अहमद सरहिंदी से अत्यधिक प्रभावित थे।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(a)केवल 1

(b)केवल 2

(c)1 और 2 दोनों

(d)न तो 1, न ही 2

IAS PRELIMS 2019 QUESTION 13: व्याख्या

संत निम्बार्क,अकबर के समकालीन थे??

सम्प्रदाय

एक ही धर्म की अलग अलग परंपरा या विचारधारा मानने वाले वर्गों को सम्प्रदाय कहते है। सम्प्रदाय हिंदू, बौद्ध, ईसाई, इस्लाम आदि धर्मों में मौजूद है।

हिन्दू धार्मिक सम्प्रदाय

1. वैष्णव संप्रदाय, 2. शैव संप्रदाय, 3. शाक्त संप्रदाय, 4 सौर (स्मार्त) संप्रदाय 5. गाणपत्य सम्प्रदाय।

  1. वैष्णव जो विष्णु को ही परमेश्वर मानते हैं |
  2. शैव जो शिव को परमेश्वर ही मानते हैं |
  3. शाक्त जो देवी को ही परमशक्ति मानते हैं |
  4. स्मार्त जो परमेश्वर के विभिन्न रूपों को एक ही समान मानते हैं।
  5. गाणपत्य जो ब्रह्म को निराकार रूप जानकर उसे ही सर्वोपरि मानते हैं।
वैष्णव सम्प्रदाय
  • भगवान विष्णु को ईश्वर मानने वालों का सम्प्रदाय है।
  • इसके अन्तर्गत चार सम्प्रदाय मुख्य रूप से आते हैं।
    • आचार्य रामानुज, निमबार्काचार्य, बल्लभाचार्य, माधवाचार्य।

निम्बार्काचार्य

  • निम्बार्काचार्य ‘वैष्णव सम्प्रदाय’ के प्रवर्तक आचार्य के रूप में प्रख्यात हैं।
  • वैष्णवों के प्रमुख चार सम्प्रदायों में ‘निम्बार्क सम्प्रदाय’ भी एक है।
  • इसको ‘सनकादिक सम्प्रदाय’ भी कहा जाता है।
  • ऐसा कहा जाता है कि निम्बार्क दक्षिण भारत में गोदावरी नदी के तट पर वैदूर्य पत्तन के निकट (पंडरपुर) अरुणाश्रम में श्री अरुण मुनि की पत्नी श्री जयन्ति देवी के गर्भ से उत्पन्न हुए थे।
  • विद्वानों के अनुसार द्रविड़ देश में जन्म लेने के कारण निम्बार्क को ‘द्रविड़ाचार्य’ भी कहा जाता था।
  • ‘द्वैताद्वैतवाद’ या ‘भेदाभेदवाद’ के प्रवर्तक आचार्य निम्बार्क के विषय में सामान्यत: यह माना जाता है कि उनका जन्म 1250 ई. में हुआ था।
    • वर्तमान अन्वेषकों ने अपने प्रमाणों से इनका जीवन-काल ग्यारहवीं शताब्दी सिद्ध किया है।

अकबर

  • 15 अक्टूबर, 1542 ई. अमरकोट – 27 अक्टूबर, 1605 ई. आगरा
  • जलाल उद्दीन मोहम्मद अकबर भारत का महानतम मुग़ल शंहशाह (शासनकाल 1556 – 1605 ई.) था, जिसने मुग़ल शक्ति का भारतीय उपमहाद्वीप के अधिकांश हिस्सों में विस्तार किया। 

बौद्ध धर्म के सम्प्रदाय

  1. थेरवाद
  2. महायान
  3. वज्रयान
  4. झेन
  5. नवयान

इस्लाम के सम्प्रदाय

  1. शिया
  2. सुन्नी
  3. अहमदिया

जैन धर्म के सम्प्रदाय

  1. श्वेतांबर
  2. दिगंबर

ईसाई धर्म के सम्प्रदाय

  1. रोमन कैथोलिक
  2. प्रोटेस्टेंट संप्रदाय
  3. ऑर्थोडॉक्स

संत कबीर, शेख अहमद सरहिंदी से अत्यधिक प्रभावित थे??

कबीर

  • कबीर के जन्म और मृत्यु के वर्षों अस्पष्ट हैं।
    • कुछ इतिहासकार 1398-1448 का पक्ष लेते हैं, जबकि अन्य 1440-1518 का पक्ष लेते हैं।
  • कबीर नाम कबीरदास, कबीर साहब एवं संत कबीर जैसे रूपों में भी प्रसिद्ध है।
  • इनका परिचय, प्राय: इनके जीवनकाल से ही, इन्हें सफल साधक, भक्त कवि, मतप्रवर्तक अथवा समाज सुधारक मानकर दिया जाता रहा है तथा इनके नाम पर कबीरपंथ नामक संप्रदाय भी प्रचलित है।
  • संत कबीर दास हिंदी साहित्य के भक्ति काल के इकलौते ऐसे कवि हैं, जो आजीवन समाज और लोगों के बीच व्याप्त आडंबरों पर कुठाराघात करते रहे।
    • वह कर्म प्रधान समाज के पैरोकार थे और इसकी झलक उनकी रचनाओं में साफ़ झलकती है।
    • लोक कल्याण हेतु ही मानो उनका समस्त जीवन था।
  • कबीर की सबसे बड़ी विशेषता उनकी प्रतिभा में अबाध गति और अदम्य प्रखरता थी।
    • समाज में कबीर को जागरण युग का अग्रदूत कहा जाता है।

शेख अहमद सिरहिंदी

  • ऐतिहासिक आधार पर मुसलमानों को अपने प्रभाव में रखने का आंदोलन दरअसल 16वी शताब्दी के अंतिम दशक से शुरू हुई है ।
  • इसकी शुरुआत शेख अहमद सरहिन्दी (1564-1624)से शुरू होकर मुस्लिम टिप्पणीकारों जैसे शाह वलीउल्लाह (1704-1763) सैयद अहमद बरेलवी (1786-1931) सर सैय्यद अहमद खान (1917-98) अल्लामा इक़बाल (1873 / 76-1938) और दूसरों ने भी अलग मुस्लिम पहचान पर जोर दिया जो मूल रूप से एक अलग राजनीतिक पहचान बनाए रखने पर जोर था और यह भारत में मुस्लिम समाज का स्थायी घटक रहा।
  • शेख अहमद सिरहिंदी एक कट्टरपंथी सुन्नी मुसलमान थे जिन्होंने मुगल बादशाह अकबर की धर्म में छेड़छाड़ की /समन्वयवादी धार्मिक प्रवृत्तियों के ख़िलाफ़ तीव्रता से विरोध किया और उन्होंने भारत में रूढ़िवादी इस्लाम को बहाल करने में बड़ी भूमिका निभाई।

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