IAS PRELIMS 2019 QUESTION 5: व्याख्या

IAS PRELIMS 2019 QUESTION 5: व्याख्या

IAS PRELIMS 2019 QUESTION 5: स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. इसने देशी शिल्पकारों के कौशल तथा उद्योगों को पुनर्जीवित करने में योगदान किया।
  2. स्वदेशी आंदोलन के एक अवयव के रूप में राष्ट्रीय शिक्षा परिषद् की स्थापना हुई थी।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

a)केवल 1

b)केवल 2

c)1 और 2 दोनों

d)न तो 1, न ही 2

IAS PRELIMS 2019 QUESTION 5: व्याख्या

दिसम्बर, 1903 ई. में बंगाल विभाजन के प्रस्ताव की ख़बर फैलने पर चारो ओर विरोधस्वरूप अनेक बैठकें हुईं, जिसमें अधिकतर ढाका, मेमन सिंह एवं चटगांव में हुई। सुरेन्द्रनाथ बनर्जी, पृथ्वीशचन्द्र राय जैसे बंगाल के नेताओं ने ‘बंगाली’, ‘हितवादी’ एवं ‘संजीवनी’ जैसे अख़बारों द्वारा विभाजन के प्रस्ताव की आलोचना की। विरोध के बावजूद कर्ज़न ने 19 जुलाई, 1905 ई, को ‘बंगाल विभाजन’ के निर्णय की घोषणा की, जिसके परिणामस्वरूप 7 अगस्त, 1905 को कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) के ‘टाउन हाल’ में ‘स्वदेशी आंदोलन’ की घोषणा की गई तथा ‘बहिष्कार प्रस्ताव’ पास किया गया। इसी बैठक में ऐतिहासिक बहिष्कार प्रस्ताव पारित हुआ। 16 अक्टूबर, 1905 को बंगाल विभाजन के लागू होने के साथ ही विभाजन प्रभावी हो गया।

बंगाल विभाजन

16 अक्टूबर 1905 को बंगाल विभाजन विधिवत रूप से लागू हुआ | आंदोलनकारियों ने यह दिन शोक दिवस के रुप में मनाया, लोगों ने व्रत रखे, गंगा में स्नान किया तथा नंगे पांव पदयात्रा करते हुए वंदे मातरम गीत गाया |  बंगाल के दोनों भागों के लोगों ने आपसी एकता प्रदर्शित करने हेतु एक दूसरे के हाथों में राखियां बांधी | 

शीघ्र ही यह विरोध प्रदर्शन बंगाल से निकलकर भारत के अन्य भागों में भी फैल गया |  पूना एवं मुंबई में इस आंदोलन का नेतृत्व बाल गंगाधर तिलक ने किया जबकि पंजाब में लाला लाजपत राय एवं अजित सिंह ने, दिल्ली में सैयद हैदर रजा एवं मद्रास में चिदंबरम पिल्लई ने इसे नेतृत्व प्रदान किया | 

 इस अभियान के तहत संघर्ष के विभिन्न तरीके अपनाए गए थे :

  •  विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार
  • जनसभाएं एवं विरोध प्रदर्शन
  • स्वयंसेवी संगठनों एवं समितियों का गठन
  • परंपरागत एवं लोकप्रिय उत्सव का जुझारू राष्ट्रवादी भावनाओं के प्रसार में उपयोग
  • स्वदेशी या राष्ट्रीय शिक्षा कार्यक्रम :
    • रविंद्रनाथ टैगोर के शांति निकेतन से प्रेरणा लेकर कोलकाता में नेशनल कॉलेज खोला गया तथा अरविंद घोष को प्रधानाचार्य नियुक्त किया गया | 
    • शीघ्र ही देश के कई अन्य भागों में नेशनल स्कूल एवं कॉलेजों की स्थापना की गई | 
    • साहित्यिक, वैज्ञानिक एवं तकनीकी शिक्षा को संगठित करने हेतु 15 अगस्त 1906 को नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन (राष्ट्रीय शिक्षा परिषद्) की स्थापना की गई जिससे देशवासियों में राष्ट्रीय दृष्टिकोण विकसित किया जा सके |
    • तकनीकी शिक्षा के विकास के लिए बंगाल तकनीकी संस्थान की स्थापना की गई तथा मेधावी छात्रों को उच्च तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने हेतु जापान भेजने की व्यवस्था की गई | 
  • स्वदेशी एवं भारतीय उद्योगों को प्रोत्साहन : स्वदेशी एवं बहिष्कार आंदोलन के कारण भारतीय उद्योगों को अत्यधिक प्रोत्साहन मिला |  अनेक कपड़ा मिलें, साबुन और माचिस की फैक्ट्रियां, हथकरघा कारखाने, बैंक एवं बीमा कंपनियां खोली गई |  आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय ने प्रसिद्ध बंगाल केमिकल स्वदेशी स्टोर की स्थापना की थी  | 

IAS Prelims Question Paper In Hindi

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