IAS PRELIMS 2019 QUESTION 8: व्याख्या

IAS PRELIMS 2019 QUESTION 8: व्याख्या

IAS PRELIMS 2019 QUESTION 8: निम्नलिखित में से किस उभारदार मूर्तिशिल्प (रिलीफ स्कल्प्चर) शिलालेख में अशोक के प्रस्तर रूपचित्र साथ ‘राण्यो अशोक’ (राजा अशोक) उल्लिखित है?

a)कंगनहल्ली

b)साँची

c)शाहबाजगढ़ी

d)सोहगौरा

IAS PRELIMS 2019 QUESTION 8: व्याख्या

कंगनहल्ली

  • यह कर्नाटक राज्य के गुलबर्गा ज़िले में भारत के सबसे महत्वपूर्ण बौद्ध स्थलों में से एक स्थल है।
  • 1993 के उत्तरार्द्ध में, कर्नाटक में भीम नदी पर एक बांध बनना था।
    • पर्यावरण संबंधी मंज़ूरी के लिए पुरातत्वविदों की एक टीम को क्षेत्र के सर्वे के लिए भेजा गया।
    • सर्वे के दौरान टीम को कई ऐसे स्थान मिले जहां प्राचीन स्मारकों और कलाकृतियों के अवशेष थे। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण स्थान था कनगनहल्ली/कंगनहल्ली (Kanganahalli)।
    • पटिये(स्लैब) सफ़ेद चूना-पत्थर के बने थे और संभवत: पहली और तीसरी शताब्दी के थे।
    • खुदाई में लोहे की छड़ों की रैलिंग, खंबे और मूर्तियां मिलीं।
      • इसके अलावा जस्त के 60 सिक्के मिले जिन पर सातवाहन राजवंश के राजाओं के नाम लिखे हुए थे।
      • सिक्कों के अलावा 200 शिला-लेख भी मिले हैं जिन पर व्यापारियों, बैंकर, बौद्ध भिक्षुओं तथा अन्य दान दाताओं के नाम लिखे हुए थे।

खुदाई के दौरान अचानक एक टीले के नीचे दो हज़ार साल पुराना बौद्ध केंद्र मिला।

  • इसका ये मतलब हुआ कि कनगनहल्ली में शताब्दियों पहले लोग रहते थे।
  • ये मठ केंद्र मध्यप्रदेश के सांची और भारहट बौद्ध-स्थलों की ही तरह है।
  • बौद्ध-स्थल की खोज से ज़्यादा राजा और (संभवत:) रानी की टूटी मूर्ति ने विश्व का ध्यान अपनी तरफ़ खींचा जिसमें वे महिला सहायिकाओं से घिरे नज़र आ रहे हैं।
    • इस पर अंकित शिला-लेख पर ‘रानयो अशोक’/‘राण्यो अशोक’ (राजा अशोक) लिखा हुआ था।
    • ये मूर्ति मौर्य शासक अशोक (304 -232 ई.पू.) की थी।
    • सम्राट अशोक की ये अब तक की एकमात्र प्रमाणिक मूर्ति मानी जाती है।(कई सालों बाद सांची में एक पट्टिका मिली थी जिस पर अशोक का चित्र था लेकिन पहचान या प्रमाणिकता सिद्ध करने के लिए कोई शिला-लेख नहीं था।)

कनगनहल्ली स्तूप

  • कनगनहल्ली स्तूप में अशोक के अलावा शाही परिवार के सदस्यों की कई आकृतियां मिली थीं।
    • एक पैनल में सातवाहन राजा पुलुमावी को दूसरे राजवंश के राजा को उज्जैन शहर भेंट करते हुये दिखाया गया है।
    • पुलुमावी को विजेता के हाथ पर पानी डालते दिखाया गया है। ये विजेता को उपहार देने का एक पारंपरिक तरीक़ा होता था।
    • अन्य पैनलों पर बुद्ध के जीवन की घटनाओं और जातक कथाओं का वर्णन अंकित है।
  • कुछ ऐसी भी वस्तुएं मिली हैं जो पुरापाषाणयुग, मध्यपाषाण और नवपाषाण युग की हैं।
    • इनमें मिट्टी के झुमके, काली पॉलिश वाले बर्तन, कांसे, हाथी दांत और लोहे के आभूषण, पक्के मार्ग वाला नगर, घर,तख़्तियां, मूर्तियां और टेराकोटा के सामान मिले हैं।

IAS Prelims Question Paper In Hindi

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